April 29, 2026

Tag: सूखीनदियां

spot_imgspot_img

बूंद-बूंद को तरसेंगे: भीम सिंह नेगी

बरखा रानी रूठ गई हैधरती तपन असहाय।चमकते सूरज से लग रहाआज हर हृदय को भय।। फसलें पानी मांग रही हैंसूखे नदी तालाब।सर्द मौसम की यह...

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla