Tag: bards of hills

spot_imgspot_img

उल्कापात कमांए: एक कविता

डॉ. जय महलवाल (अनजान) बड्डिया मेहनता ने डाल बूटे लगाए, फेरी किस मांहनूए रिए सोचे से जलाए, मारी ते जले पंछी पेखेरू, तिना रे  जे...

कुर्सी (बापू से पूछे आवाम)

डॉ. कमल के. प्यासा बापू तेरे देश मेंचली लड़ाई कुर्सी की!कुर्सी कुर्सी कुर्सी,कुर्सी बन गई खुद इक खेल! गांव और कस्बे में कुर्सीसांसद और परिषद में...

Poem: Teacher’s Delight

Manvika Chauhan, Class: XI, Daisy Dales Senior Secondary School, East of Kailash, New Delhi My project is a monster it eats everything, Whether it's...

लेखिका सविता बंटा के काव्य संग्रह पगडंडियां का विमोचन

शिमला: मोहित चावला, डीआईजी साइबर क्राइम हिमाचल प्रदेश ने जून 9 को ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन के नृत्य एवम् नाट्य प्रतियोगिता कार्यक्रम के अन्तर्गत ...

यादें: एक कविता

डॉ. कमल के. प्यासा यादें याद आती हैं जाती नहीं, याद ही रह जाती हैं जिंदगी भर! यादें यादों में रह कर आती हैं सताती हैं, कमबख्त तरह तरह की फितरतें दिखा, खूब...

जज़्बात और एहसास: डॉ. जय महलवाल (अनजान)

डॉ. जय महलवाल (अनजान) तुमने जब-जब, मेरा साथ दिया, एक प्यारा सा मखमली, एहसास दिया। रहे तुम दिल के करीब हमेशा, मेरा अपना बनकर, लेकिन...