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July 1, 2022

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Tag: bards of hills

आसरा छत का — नीलम भट्ट

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नीलम भट्ट, नई दिल्ली बरसों पहले की बात है, एक बड़े से शहर के छोटे से हिस्‍से में एक छत हुआ करती थी। छतें तो बहुत रही होंगी, लेकिन उस छत...

We are Fake Innocent People — Sahaj Sabharwal

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Sahaj Sabharwal, Jammu City, Jammu and Kashmir, India  Clapping after watching others's clap, Hesitation in being as a pioneer, under hands of others like puppets under nap. Promoting someone after watching a trend in promotion, Everyone...

ओ दिसम्बर! — नीलम भट्ट

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Neelam Bhatt, New Delhi कभी-कभी लगता है, जैसे कैलेंडर के पन्ने तो पलटे, पर समय बीता ही नहीं। वह वहीं खड़ा है। पिछले साल दिसम्बर से यही कहा था कि अगली बार...

A Psalm of Life; Oh! My Dear Face — Collection of Poems by Ananta Kumar...

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Ananta Kumar Singh, Ravenshaw University, Department of English, Odisha A Psalm of Life Life has an itinerary You have to choose To determine corruption and literary You should not be confused Life is short Don't make it defer Standing on...

विरासत — दीप्ति सारस्वत प्रतिमा

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दीप्ति सारस्वत प्रतिमा, शिमला घर भर में और आस पास अपने से कमज़ोर दिखते उसे बस अपने बच्चे उधर सास ने जली कटी सुनाई इधर किसी भी न मालूम बात पर बच्चे की शामत आई पति शराब पी कर...

Oh! My Dear Face — Poem by Ananta

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Ananta Kumar Singh, Ravenshaw University Department of English, Odisha Oh! My dear face Never be upset I didn't come to pimples I didn't come to dimples Oh! My dear face Never be upset I didn't come to wrinkles I...

आज पुरुष दिवस पर विशेष: पुरुष — दीप्ति सारस्वत

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दीप्ति सारस्वत मुझे मधुमक्खी ने काटा एक बार मुहल्ला सर पर उठा लिया मैंने विचलित से तुम कभी रगड़ रहे थे लोहा बुरी तरह सूज गए मेरे हाथ पर तो कभी बदहवासी में टटोल रहे थे कोई दवा जब तक...

सोचती हूँ — लौह पुरूष वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में राष्ट्रीय एकता पर...

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दीप्ति सारस्वत प्रतिमा सोचती हूँ 1 पले हैं हम बढ़े हैं एक स्वतंत्र राष्ट्र में राष्ट्र जो है भारत इंडिया हिन्दोस्तान जो जिस नाम से पुकारे लौटा कर देता प्रेम सबको एक समान +++++++++++++++++ 2 कहती मैं मोची को भाई सिल दो मेरे जूते कड़कती...

पहाड़ी भाषा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हो — उमा ठाकुर

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उमा ठाकुर (नधैक), आयुष साहित्य सदन, पंथाघाटी, शिमला किसी भी राष्ट्र या देश की उन्नति, सभ्यता, संस्कृति और उसके मानवीय विकास को परखने की कसोटी उसकी बोली है। इसके अलावा बोलो का...

Mahraja Hari Singh – Ambassador of Dogri Culture: Poem by Sahaj Sabhrwal

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Sahaj Sabharwal, J&K Last ruling Maharaja of our princely Union Territory, Hari Singh was one of the bravest ruler in the Indian history. He is still an inspiration of many, Creating history of J&K, a...

हिंद देश के वासी हैं… — अनीश मिर्ज़ा

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अनीश मिर्ज़ा हिंदी हैं हम... पर हिंदी की याद सिर्फ हिंदी दिवस को ही क्यूं आए... यूं तो अक्सर लोग इंग्लिश में ही गुनगुनाए... हिंदी बोलने वाले को आज भी अनपढ़ समझा जाये... इंग्लिश बोलने से...

लाड़ — दीप्ति सारस्वत प्रतिमा

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दीप्ति सारस्वत प्रतिमा, प्रवक्ता हिंदी, रा .व. मा. विद्यालय, बसंतपुर, शिमला लाड़ मां पर अकारण आते ही प्यार लिपट उस से करते हम फ़र्माइश आज हलुआ बना दे न माँ बना ही दिया तो अपने हाथ से खिला...