यादें: एक कविता
डॉ. कमल के. प्यासायादें
याद आती हैं
जाती नहीं,
याद ही रह जाती हैं
जिंदगी भर!यादें
यादों में रह कर
आती हैं सताती हैं,
कमबख्त तरह तरह की
फितरतें दिखा,
खूब...
एक पहचाण: डॉo कमल केo प्यासा
हाऊं,कुण हाकैथी हाकियांहा हामुंझो किछ भी तथोग पत्ता नी !मेरी पक्की परख पहचाण ,हाडकुआ री कोठरुआ मंज बंदएक जियुंदा हांडदा टपदाजगह जगह थुड खांदामाणु...
लड़कियां
अशोक दर्द,
गांव घट्ट, डाकघर शेरपुर,
तह डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेशधान की पनीरी की तरह
पहले बीजी जाती हैं लड़कियां
थोड़ा सा कद बढ़ जाये
थोड़ा सा रंग...