Tag: literature

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यादें: एक कविता

डॉ. कमल के. प्यासा यादें याद आती हैं जाती नहीं, याद ही रह जाती हैं जिंदगी भर! यादें यादों में रह कर आती हैं सताती हैं, कमबख्त तरह तरह की फितरतें दिखा, खूब...

राज्यपाल द्वारा कमलाकांत त्रिपाठी की पुस्तक का विमोचन

शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली में कमलाकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी पुस्तक, 'विनायक दामोदर सावरकर नायक बनाम प्रतिनायक' का विमोचन किया।...

गाय-दान: एक लघुकथा

रणजोध सिंह गुप्ता जी की बयानबे वर्षीय माताश्री मृत्यु शय्या पर थी। पिछले चार-पांच दिन से उन्हें कई बार यह सोचकर जमीन पर लिटाया गया...

जज़्बात और एहसास: डॉ. जय महलवाल (अनजान)

डॉ. जय महलवाल (अनजान) तुमने जब-जब, मेरा साथ दिया, एक प्यारा सा मखमली, एहसास दिया। रहे तुम दिल के करीब हमेशा, मेरा अपना बनकर, लेकिन...

The Homecoming: Ashvin V

Ashvin V Peace prevailed, one afternoon fine, In the hostel’s passageways. Playful puppies and a mischievous cat, Did bring much cheer, those days. ...

बुलंदियां: डॉ. कमल के. प्यासा

  डॉ. कमल के. प्यासा बुलंदियां छूना ऊंचा उठाना, अच्छा लगता है खुद को, सब को! बुलंदियां बढ़ाती हैं, दूरियां और फासले! जिनसे पनपते हैं भरम...