विधायक प्राथमिकता पर भेदभाव: जयराम ठाकुर

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शिमला से जारी एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी विधायकों की प्राथमिकताओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन भाजपा विधायकों द्वारा हर वर्ष अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए दी गई विधायक प्राथमिकताओं पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि न तो इन कार्यों की डीपीआर तैयार की जा रही है और न ही उन्हें वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। कई परियोजनाओं में बजट, डीपीआर और वन स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक प्राथमिकता के मामलों में दलगत आधार पर भेदभाव किया जा रहा है और विपक्षी विधायकों के कार्यों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विधायक प्राथमिकताओं को गंभीरता से लेने के लिए तैयार नहीं है, तो बैठकों के आयोजन का क्या औचित्य है। ऐसे हालात रहे तो भाजपा विधायक आगामी बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार विधायकों की विधायक निधि और ऐच्छिक निधि पर रोक लगाई गई है। आपदा के दौर से गुजर रहे प्रदेश में पेयजल योजनाएं, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हैं, ऐसे में विधायक निधि आम लोगों के लिए बड़ा सहारा होती है। निधियों पर रोक से विधायकों के हाथ बंध गए हैं और जरूरतमंदों की सहायता प्रभावित हो रही है। ऐच्छिक निधि पर रोक को भी उन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों के हितों के खिलाफ बताया।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विधायक निधि और ऐच्छिक निधि को तुरंत जारी करें तथा भाजपा विधायकों द्वारा दी गई प्राथमिकताओं पर गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार पूर्व की प्राथमिकताओं को लागू करने में विफल रही, तो भाजपा के पास बैठक के बहिष्कार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

इस अवसर पर जयराम ठाकुर ने अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा रोके गए रूसी तेल टैंकर से पालमपुर के रीक्षित सहित भारतीय क्रू सदस्यों की रिहाई पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का आभार जताते हुए इसे देश के लिए राहत भरा समाचार बताया।

इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार तथा विमान दुर्घटना में अन्य लोगों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

State Backs Delhi–Shimla–Dharamshala Air Services

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