शिमला में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रिज मैदान पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता और प्रदेशभर से आए योग प्रेमियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है। आज योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली का आधार बन चुका है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि योग भारत का वह उपहार है जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और कल्याण का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने योग को शरीर, मन और आत्मा के समन्वय के रूप में विश्व मंच पर स्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग इसे अपना रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड समय में 177 देशों का समर्थन मिला। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया और 2015 में पहली बार इसे वैश्विक स्तर पर मनाया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग 21वीं सदी के वैश्विक वेलनेस आंदोलन का हिस्सा बन गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आयुष मंत्रालय को मजबूत कर योग के वैज्ञानिक अध्ययन, प्रशिक्षण और मानकीकरण के लिए संस्थागत ढांचा विकसित किया है। प्रधानमंत्री योग को “जीरो बजट हेल्थ इंश्योरेंस” के रूप में देखते हैं, जो रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन दोनों में सहायक है।
उन्होंने आगे कहा कि आज भारत योग और वेलनेस पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां ऋषिकेश, वाराणसी और मैसूर जैसे स्थानों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि योग दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का संकल्प है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने एक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है।



