शिमला में जीआई महोत्सव की शुरुआत

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शिमला के पीटरहॉफ होटल में एमएसएमई के तहत ‘Xpo Originals GI महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव 29 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के 100 जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) प्रमाणित उत्पादों को 45 स्टॉल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

उद्घाटन अवसर पर केंद्र सरकार में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) डॉ. रजनीश और हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर. डी. नजीम विशेष रूप से उपस्थित रहे।

डॉ. रजनीश ने अपने संबोधन में कहा कि जीआई उत्पाद भारतीय एमएसएमई क्षेत्र के लिए तेजी से उभरता हुआ महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक महत्व के कारण देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी इनकी मांग बढ़ रही है। साथ ही, जीआई उत्पाद पारंपरिक ज्ञान और शिल्पकला के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर. डी. नजीम ने कहा कि ऐसे आयोजन जीआई उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जीआई को बढ़ावा देने से आर्थिक विकास के लाभ समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंचते हैं, जिससे एक समावेशी समाज का निर्माण होता है और कारीगरों, शिल्पकारों व किसानों को सीधा लाभ मिलता है।

महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पहुंचकर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया। विविध और आकर्षक उत्पादों की श्रृंखला के चलते अधिकांश आगंतुक खरीदारी करते नजर आए।

प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगरों और उत्पादकों द्वारा दुर्लभ जीआई उत्पाद भी प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें Agates of Cambay, बालूचरी साड़ियां, भागलपुर सिल्क, कर्वथ काठी साड़ियां के साथ मणिपुर के विशेष खाद्य उत्पाद जैसे चक-हाओ (ब्लैक राइस), तमेंगलोंग संतरा, सिराराखोंग हथेई (मिर्च) और कचाई नींबू शामिल हैं। इसके अलावा हैंडलूम, टेक्सटाइल, ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, होम डेकोर, कृषि उत्पाद, मसाले, सिरप, फुटवियर, फल और खिलौनों की विस्तृत रेंज भी उपलब्ध है।

सभी उत्पाद जीआई प्रमाणित हैं, जो उनकी गुणवत्ता, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं। आगंतुकों ने उत्पादों की गुणवत्ता और कारीगरों से सीधे जुड़कर खरीदारी करने के अनुभव की सराहना की।

यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। यह महोत्सव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से इंडिया एसएमई फोरम द्वारा आयोजित और CIPRPF द्वारा क्यूरेट किया गया है। इसका उद्देश्य जीआई उत्पादों को बढ़ावा देना और कारीगरों, किसानों व छोटे उद्यमियों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है।

महोत्सव आगामी तीन दिनों तक जारी रहेगा, जो शिमला और आसपास के लोगों के लिए देशभर के प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता वाले जीआई उत्पादों को देखने और खरीदने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है।

शिमला में स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता का संदेश

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Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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