कीकली रिपोर्टर, 22 मार्च, 2017, शिमला
उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में शिशु के जन्म एक घंटे के भीतर उसे मां द्वारा स्तनपान करवाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान आरंभ किया गया है। शिशु के जन्म के पहले एक घंटे के भीतर उसे स्तनपान करवाने का 100 फीसदी लक्ष्य निर्धारित किया गया। वह आज यहां इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
ठाकुर ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य मानकों के अनुसार स्तनपान करवाना, जन्म के तुरंत बाद एक घंटे के भीतर ही शुरू किया जाना चाहिए। बच्चे के जन्म के पश्चात 6 महीने की अवस्था तक केवल स्तनपान करवाया जाना चाहिए।
बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान करवाने के लिए माताओं को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें पोस्टर, होर्डिंग व प्रचार सामग्री द्वारा माताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए स्किट व सोशल मीडिया द्वारा भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान करवाने के बारे में डाटा भी एकत्रित किया जाएगा, ताकि इस कार्य को और बेहतर तरीके से करने के लिए योजना बनाई जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज मित्तल ने बताया कि मां द्वारा स्तनपान करवाने से बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह बच्चे को भविष्य में कई प्रकार के सक्रमणों से भी बचाता है। स्तनपान करवाना बच्चों में मृत्युदर को कम करता है। यह बच्चे के मस्तिष्क विकास में महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ संक्रमण से भी मुक्त होता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिमला राकेश कुमार प्रजापति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज मित्तल, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ मनीश सूद, उप निदेशक शिक्षा अजय शर्मा, डीपीओ राकेश भारद्वाज, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




