भीम सिंह, गांव देहरा, डाकखाना हटवाड़, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।

खनक थी जिनकी बाणी में
चेहरे पर था एक तेज
जीवनभर जो झूठ से
करते रहे परहेज

दुनिया को अपनी ताकत का
उन्होंने ऐसा दिया सन्देश
गरज कर बोले पीछे हटो
अब कमजोर नहीं भारत देश ।

श्री अटल विहारी बाजपेयी नाम था
कवि का दिल रखते थे
बड़े-बड़े भी उनके कदमों में
नित झुका करते थे।

देश के प्रधान पद पर रहे
मगर सादगी ही अपनाई
उन जैसा इंसान कहां
दुनिया में मिलता भाई।

दोस्त, दुश्मन सभी करते थे
हमेशा इनका गुणगान
जब भी कोई कठिनाई आई
सूझ-बूझ से किया उसका समाधान।

आओ आज हम सब मिलकर
उन्हें श्रद्धा के फूल चढ़ाऐं
उनके यश को इस दुनिया में
हम चारों ओर फैलाए ।

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