पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हालिया जनादेश ने प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जनता के स्पष्ट विश्वास को दर्शाया है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व अब जनभावना को स्वीकार करने के बजाय हताशा में कार्य कर रहा है।
शिमला स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्री के बीच चल रही खींचतान ने सरकार की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई दिग्गज अपने-अपने क्षेत्रों में जनता का विश्वास खो चुके हैं, जबकि भाजपा को जमीनी स्तर पर व्यापक समर्थन मिला है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है और नव-निर्वाचित भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के घरों की पैमाइश और धमकाने जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास, सुशासन और जनसेवा की राजनीति के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है और कांग्रेस को इसे स्वीकार करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप—जिनमें ‘अटैचियां इकट्ठा करने’ जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं—सही हैं, तो सरकार को जनता के सामने स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और कहा कि पहले दिन से ही कई गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने विमल नेगी मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि सीबीआई चार्जशीट में भ्रष्टाचार के संकेत सामने आए हैं, जिससे सरकार की स्थिति और कमजोर हुई है।
इसी दौरान कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चमियाना जिला परिषद वार्ड से भाजपा समर्थित विजेता खुश विक्रम सेन ने नेता प्रतिपक्ष से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जयराम ठाकुर ने सभी नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
एक अन्य घटनाक्रम में, नेता प्रतिपक्ष ने हमीरपुर के युवक आदित्य शर्मा के पिता से फोन पर बातचीत कर संवेदना व्यक्त की, जो ओमान की खाड़ी में कथित अमेरिकी हमले के बाद लापता हैं। उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिया तथा सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास जारी रहने की बात कही।



