February 27, 2026

गांव व रिश्ते

Date:

Share post:

अम्मा -बापू, भाई-भाभी
कितने रिश्ते-नाते गांवों में
बचपन, जवानी और बुढ़ापा
बीत रहा मेरा इनकी छावों में।

ये रिश्ते हमारे कानों में
ऐसी मिठास हैं घोलते
दादी-अम्मा, चाची-ताई आदि
जब हमें बच्चा-बच्चा हैं बोलते।

धन्य है मेरी भारत भूमि
जहां इतने अच्छे संस्कार हैं
जीवन जीने का जहां पर
ये रिश्ते ही आधार हैं।

मेरे गांव की संस्कृति
पुज्नीय है बंदनीय है
किसी रिश्ते का अपमान करना
यहां पर बहुत निंदनीय है ।

यहां इन्सानों से ही नहीं अपितु
पशु-पक्षियों से भी प्यार करते हैं
दया भाव यहां का गहना है
हम नित इसे प्रणाम करते हैं

Supreme Court Allows Khair Tree Felling In Himachal Pradesh Forests

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण: मातृशक्ति की सुरक्षा

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशव्यापी सर्वाइकल कैंसर (एचपीवी)...

CM Reviews Healthcare Expansion at Hamirpur College

Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu interacted with doctors at Dr. Radhakrishnan Government Medical College to discuss ways to...

हिमाचल विभागीय परीक्षाओं की तिथियों में संशोधन

हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान के प्रवक्ता ने आज बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा, तहसीलदार एवं...

सायरी स्कूल में उत्साह और भावनाओं का संगम

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में आज जमा दो के विद्यार्थियों के लिए भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन...