मुझे जख्म देने वाले जाने पहचाने हैं
फूल के दर्द से भक्त लोग अनजाने हैं|
वो बीच बाजार रोंद देता है मासूम कलियों को
हमें बना वीडियो अपने फर्ज निभाने हैं|
झूठ चढ़कर छाती पर किस्मत लिख जाता है
सच को पकड़े रहते हैं जो हम जैसे दीवाने हैं|
मैं समझता रहा दोस्ती को नेमत खुदा की
साथ नहीं देते गर्दिश में जो
दोस्त सियाने हैं|
लोग क्या कहेंगे मत कर चिंता रणजोध
दोष नहीं उसको जिसके घर में दाने हैं।



