हिमाचल के अभिलेखयुक्त सिक्के मण्डी क्षेत्र भाग 3 जारी

Date:

Share post:

डॉ. कमल के.प्यासा – मण्डी

सांसियनियन (Sassianian) या गाद्दीया सिक्के।

17.सिक्के की धातु = मिश्र धातु (चांदी)।

सिक्के का आकार = गोलाकार।

सिक्के का व्यास = 2.1 सै.मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.08 सै.मी.।

सिक्के का भार = 3.80 ग्राम।

सिक्के का काल = छठी शताब्दी से 12वीं – 13वीं शताब्दी ।

सिक्का संग्रहकर्ता = डॉ. कमल के. प्यासा (अपने संग्रह से), परूथी संग्रहालय, मण्डी।

प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्के का विवरण = चांदी धातु की तरह के इस सिक्के के एक ओर मध्य में खड़ी आयत जिसके ऊपर व नीचे की ओर भी एक एक छोटी पड़ी आयत देखी जा सकती है। सभी आयतों के बाहर की ओर बिंदुओं की सीमा बनी है। बीच वाली खड़ी आयत के दोनों तरफ एक एक स्तंभ खड़े दिखाया गया है। ऊपर वाली आयात को कोष्ठकों में बंद दिखाया गया है, जबकि नीचे वाली आयतों में ऐसा नहीं है। सिक्के के दूसरी ओर अजीब से प्रतीकात्मक आकृति व ब्रह्मी लिपि के अक्षर ग और ह से मिलते जुलते दिखते हैं।

18.सिक्के की धातु = मिश्रधातु (चांदी)।

सिक्के का आकार = गोलाकार।

सिक्के की व्यास = 2.00 सै. मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.09 सै.मी.।

सिक्के का भार = 3.80 ग्राम।

सिक्के का काल = छठी शताब्दी से 12वीं – 13 वीं शताब्दी।

सिक्का संग्रहकर्ता = डॉ.कमल के. प्यासा (अपने संग्रह से), परूथी संग्रहालय, मण्डी।

सिक्का प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्का का विवरण = मिश्र धातु (चांदी) के इस सिक्के की समस्त आकृति ऊपर वर्णित क्रम संख्या 16 के सिक्के जैसी है केवल ब्राह्मी लिपि के अक्षरों को छोड़ कर। इसी तरह के बहुत से सिक्के संग्रह में हैं। जो कि अलग अलग भार व्यास व मोटाई लिए हैं।

मुगल कालीन सिक्के:

19.चांदी वाला अकबर का सिक्का।

सिक्के की धातु = चांदी।

सिक्के का आकार = गोलाकार।

सिक्के का व्यास = 2.3 सै. मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.23 सै.मी.।

सिक्के का भार = 11.50 ग्राम।

सिक्के का काल = मुगल कालीन (1526ईस्वी)।

सिक्के की लिपि = फारसी/अरबी।

सिक्के की पंजीकरण संख्या = एम. डी. आई /एच.पी.465.

संग्रहकर्ता = डॉ.कमल के.प्यासा (अपने संग्रह से), परूथी संग्रहालय, मण्डी।

प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्के का विवरण = अकबर 1556 – 1605ईस्वी के चांदी के इस सिक्के पर एक ओर फारसी लिपि व भाषा उर्दू में बादशाह अकबर का नाम लिखा मिलता है। दूसरी ओर खिलिफों के नाम लिखे मिलते हैं।

20.सिक्का बादशाह अकबर।

सिक्के की धातु = चांदी।

सिक्के का आकार = गोलाकार।

सिक्के का व्यास = 2.1 सै.मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.25 सै.मी.।

सिक्के का भार = 11.80 ग्राम।

सिक्के का काल = मुगल कालीन।

सिक्के की लिपि = फारसी/अरबी, भाषा उर्दू।

सिक्के की पंजीकरण संख्या = एम. डी. आई./एच.पी./466.

सिक्का संग्रहकर्ता = डॉ.कमल के. प्यासा (अपने संग्रह से), परूथी संग्रहालय, मण्डी ।

सिक्का प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्के का विवरण = अकबर से संबंधित इस चांदी के सिक्के के एक ओर के लेख में “अल्लाह अकबर जाला जल्लाह”, फारसी में लिखा मिलता है।

सिक्के के दूसरी ओर “अबान ईल्लाही जरब अहमदाबाद”, फारसी /उर्दू में लिखा मिलता है।

21.बादशाह अकबर का चांदी का सिक्का ।

सिक्के की धातु = चांदी।

सिक्के का आकार=वर्गाकार।

सिक्के की भुजाएं = 2.2सै. मी.X 2.2 सै.मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.4 सै मी.।

सिक्के का भार = 13.50 ग्राम।

सिक्के का काल = मुगल कालीन।

सिक्के की लिपि = फारसी, भाषा उर्दू।

सिक्के की पंजीकरण संख्या = एम.आई. डी./ एच.पी./442.

सिक्का संग्रहकर्ता = डॉ.कमल के. प्यासा (अपने संग्रह से), परूथी संग्रहालय, मण्डी।

सिक्का प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्का विवरण = चांदी के वर्गाकार, बादशाह अकबर के इस सिक्के के एक ओर के लिखे लेख में ” ला ईल्लाही ईल्ला मुहम्मद रसूल ईल्ला “व कलामों के चारों तरफ बने हाशिए में खलीफों के नामों में ” अबनोक अली, हैदर उस्मान अली, बमज़र खताब, अबोनक सदीक “सभी फारसी में लिखे मिलते हैं। सिक्के के दूसरी ओर “लाह क मज़मद मुस्ताक अली ईल्ला मसलन” फारसी /उर्दू में ही लिखा मिलता है।

22.सिक्का बादशाह अकबर।

सिक्के की धातु = चांदी।

सिक्के का आकार = वर्गाकार।

सिक्के की भुजाएं = 1.8 सै.मी.X 1.8 सै.मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.4 सै. मी.।

सिक्के का भार = 11.80 ग्राम।

सिक्के का काल = मुगल कालीन।

सिक्के की लिपि = फारसी/उर्दू।

सिक्का पंजीकरण संख्या = एम.आई. डी./एच.पी/540.

सिक्का संग्रहकर्ता = स्व. एडवोकेट गुरचरण लाल।

सिक्का प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्के का विवरण = चांदी के, बादशाह अकबर के इस चकोर सिक्के के एक ओर लिखे लेख में “ला ईल्लाही ईल ईल्ला,मुहम्मद रसूल ईल्ला” और इसी तरफ किनारों की ओर खलीफों के नाम लिखे भी फारसी में पढ़े जा सकते हैं। सिक्के के दूसरी ओर “खल्लद अल्लाह ताला, मुहम्मद जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर बादशाह गाजी जरब जफर कुरिन अलिफ/अकबर” फारसी उर्दू में लिखा देखा जा सकता है।

23.सिक्का मुहम्मद अकबर जलालुद्दीन।

सिक्के की धातु = चांदी।

सिक्के का आकार = वर्गाकार।

सिक्के की भुजाएं = 1.8 सै . मी.X 1.8 सै.मी.।

सिक्के की मोटाई = 0.3 सै.मी.।

सिक्के का भार = 11.80 ग्राम।

सिक्के का काल = मुगल कालीन।

सिक्के की लिपि = फारसी/उर्दू।

सिक्के की पंजीकरण संख्या = एम. आई. डी./एच. पी./541.

सिक्का संग्रहकर्ता डॉ. कमल के. प्यासा (अपने संग्रह से), परुथी संग्रहालय, मण्डी।

सिक्के का प्राप्ति स्थान = मण्डी।

सिक्के का विवरण = चांदी के इस चकोर सिक्के के एक ओर “ला ईल्लाही ईल ईल्ला मुहम्मद रसूल ईल्ला, “जैसे कि दूसरे प्राप्त सिक्कों में लिखा मिलता है, बिल्कुल ऐसा ही इसमें भी फारसी में लिखा है। सिक्के के दूसरी ओर का लेख, “मुहम्मद अकबर जलालुद्दीन 999” भी, सभी कुछ फारसी/उर्दू में लिखा देखा जा सकता है।

इसी प्रकार के बादशाह अकबर के कई अन्य सिक्के भी हैं, जिन पर बादशाह अकबर के साथ 986/फतेह पुर आदि लिखा देखा जा सकता है।

हिमाचल : लेख/अभिलेखों वाले प्राचीन सिक्के भाग 2 गतांक से आगे

 

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Related articles

जयराम ने आपातकाल को बताया काला अध्याय

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि 25 जून 1975...

QR Code System Activated to Ensure Smooth Ration Distribution

A spokesperson of the Department of Food, Civil Supplies and Consumer Affairs said today that due to a...

Big infra push for Kasauli: CM inaugurates projects

Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu, during his visit to Neri Kalan in Kasauli Assembly constituency of Solan...

सेब सीजन की दस्तक, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सेब सीजन-2026 की...