अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दूसरे दिन हिमाचली लोकसंस्कृति और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला, जब ‘मां थीम’ (मदर्स अगेंस्ट ड्रग्स) के तहत शिमला पुलिस सहायता कक्ष के समीप भव्य महानाटी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला के विभिन्न आईसीडीएस खंडों से 320 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महिलाओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने भी पारंपरिक नाटी में शामिल होकर हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत का आनंद लिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा और लोकधुनों के बीच प्रस्तुत महानाटी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
उपायुक्त एवं अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने ‘मां का संकल्प–समाज का संकल्प’ विषय पर उपस्थित महिलाओं को शपथ दिलाई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को नशे, विशेषकर चिट्टे, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और हर प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने तथा समाज को जागरूक बनाने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर महानाटी में शामिल सभी 320 महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने प्रभावशाली नारों के माध्यम से सामाजिक संदेश भी दिया। “हर मां की यही पुकार–नशा और अत्याचार से इंकार”, “मां की ममता का यही संदेश–नशे से दूर रहे प्रदेश”, “चिट्टा छोड़ो, संस्कार जोड़ो” और “हर मां की यही पुकार–बेटी पर हिंसा नहीं स्वीकार” जैसे नारों ने उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
महानाटी केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को नशामुक्त और संवेदनशील बनाने का एक सशक्त संदेश भी देकर गई।
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