दो दिवसीय समर फेस्टिवल नारकंडा-2026 का शुभारंभ शनिवार को उत्साह, उमंग और पारंपरिक हिमाचली संस्कृति के रंगों के बीच भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्यातिथि के रूप में किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित जनसमूह को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई और समाज को चिट्टा मुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे नशे से दूर रहें और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ जनभागीदारी ही इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
अपने संबोधन में अनुपम कश्यप ने कहा कि हिमाचल के मेले और उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन न केवल भाईचारे को मजबूत करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि समर फेस्टिवल स्थानीय कलाकारों, लोक गायकों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच प्रदान करता है।
उन्होंने नारकंडा की प्राकृतिक सुंदरता, सेब उत्पादन और पर्यटन महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन यहां आने वाले पर्यटकों को हिमाचली लोक संस्कृति से रूबरू कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन समिति और स्थानीय लोगों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर नगर पंचायत नारकंडा की अध्यक्ष शशि कैंथला ने मुख्यातिथि का पारंपरिक हिमाचली शॉल, टोपी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया, जबकि व्यापार मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने भी उपायुक्त को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और हिमाचली लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की।



