पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पेपर लीक मामलों की जांच को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने अब तक कितनी भर्तियां करवाई हैं और कितने युवाओं को रोजगार दिया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सरकार में पेपर लीक नहीं होने के दावे पर जनता जवाब चाहती है। उन्होंने प्री-नर्सरी टीचर भर्ती में देरी, आउटसोर्स भर्तियों में कथित अनियमितताओं और रोजगार प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री मंचों से अपने क्षेत्रों में सिफारिश के आधार पर नौकरियां दिलाने की बातें करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री पेपर लीक नहीं होने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में हुई पुलिस भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल के आरोप लगे और जांच के दौरान पेपर खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों के बावजूद सरकार ने जांच को आगे नहीं बढ़ाया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला सामने आने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई, एसआईटी गठित की गई और सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई और तय समय में भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच में सामने आई रिपोर्ट पर वर्तमान सरकार ने कार्रवाई नहीं की और लंबे समय तक मामला लंबित रखा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर सरकार को उपलब्धियों का दावा करने के बजाय युवाओं के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की संख्या का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार स्थायी रोजगार देने में विफल रही है।



