February 1, 2026

पिता : डॉक्टर जय महलवाल द्वारा रचित एक कविता

Date:

Share post:

डॉक्टर जय महलवाल
डॉक्टर जय महलवाल

मां अगर घर की ईंट है,
तो पिता समझो पूरा मकान है।
मां अगर संस्कार देने वाली है,
तो पिता गुणों की खान है।
मां अगर अगर करती लाड प्यार है,
तो पिता भी हमारी जान है।
मां अगर देखती घर का काम काज,
तो पिता संभालता बाहरी काम काज है।
मां अगर बनाती घर में दाल रोटी,
तो पिता करता राशन का इंतजाम है।
मां का कर्ज़ उतरना मुश्किल है,
तो जय तुम ही बताओ क्या पिता का कर्ज़ उतारना आसान है।
मां अगर है पिक का एक पन्ना,
तो पिता पुस्तक समान है।

Himachal Pradesh Unveils E-Taxi Scheme: 500 E-Taxi Permits Issued In Phase One

Daily News Bulletin

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Budget 2026-27 : Growth, Innovation, and Social Welfare

The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Nirmala Sitharaman, presented the Union Budget 2026-27 in Parliament, marking...

CM Sukhu Terms Union Budget ‘Anti-Hill States’

Himachal Pradesh CM Sukhu criticized the recently presented Union Budget 2026-27, describing it as “anti-poor and anti-farmer” and...

हिमाचल में बर्फबारी के बीच मरीज का एयरलिफ्ट

हिमाचल प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की तत्परता के चलते रविवार को डोडरा क्वार के दुर्गम क्षेत्र से...

ईको-टूरिज्म से अर्थव्यवस्था तक : हिमाचल को नई ताक़त

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2024-25...