उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 (RGSSY) की प्रगति की समीक्षा की गई। इस बैठक में ई-टैक्सी के एक्स-शोरूम मूल्य पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने से जुड़े नए मामलों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। दस्तावेज़ों और निर्धारित पात्रता मानदंडों की जांच के उपरांत समिति ने दो नए आवेदकों को वित्तीय सहायता देने की सिफारिश को अपनी स्वीकृति दे दी। इसके तहत संदीप कुमार (पुत्र मान सिंह) को 7,49,950 रुपये तथा ईश्वर दास (पुत्र ठाकुर दास) को 7,17,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
जिला में इस योजना के प्रति युवाओं का उत्साह देखा जा रहा है। अब तक वेब पोर्टल के माध्यम से कुल 11 अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन जमा किए हैं। जिला स्तरीय समिति ने इनमें से 5 आवेदनों को पहले ही अनुमोदित कर दिया था, जिनमें 28 जून 2025 को 2 आवेदन और 17 जुलाई 2025 को 3 आवेदन शामिल हैं। हालिया निर्णयों के बाद योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों की संख्या में और वृद्धि हुई है।
योजना की अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बैठक में बताया गया कि शिमला जिले में कुल 7 लाभार्थियों को 60 लाख 94 हजार 295 रुपये की सब्सिडी राशि वितरित की जा चुकी है। वर्तमान में जिले की सड़कों पर 20 ई-टैक्सियां सफलतापूर्वक चल रही हैं। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन को भी बढ़ावा दे रही है।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि योजना के तहत आने वाले सभी आवेदनों का निपटारा पारदर्शी और निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने बल देकर कहा कि युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने वाली ऐसी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है।


