सुख सम्मान निधि योजना से हो रहा महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान

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हिमाचल प्रदेश में लगभग 49 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है। प्रदेश का अधिकांश भाग दुर्गम है जहां जीवन-यापन अन्य राज्यों की अपेक्षा कठिन व चुनौतीपूर्ण रहता है। प्रदेश की महिलाएं घरेलू कामकाज से लेकर परिवार की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। हिमाचल प्रदेश की नारी शक्ति हर क्षेत्र में योगदान दे रही है फिर भी अधिकतर महिलाएं आर्थिक रूप से परिवार के पुरुष सदस्यों पर ही निर्भर हैं। इसके साथ साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के संरक्षण में भी प्रदेश की महिलाओं का अमूल्य योगदान है।

इसी दृष्टि से हिमाचल प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सम्मान में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है ताकि प्रदेश की महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके तथा महिलाएं पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों का सार्थक ढंग से निर्वहन कर सकें।

जिला शिमला की 2569 महिलाएं हुई लाभान्वित
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 18-59 आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे है। जिला शिमला में योजना का क्रियान्वयन जिला कल्याण अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। जिला में योजना के अंतर्गत 2569 पात्र महिलाओं को 1500 रुपए के माध्यम से लाभान्वित किया गया है। इन महिलाओं को अप्रैल माह से जून माह तक की तीन महीने की किश्त एक मुश्त प्रदान की जा चुकी है। जिस पर कुल 1 करोड़ 15 लाख 60 हजार  500 रुपए की राशि व्यय की जा चुकी है।

जिला शिमला के तहसील शिमला (शहरी) में 154 महिलाओं को 6 लाख 34 हजार 500 रुपए, तहसील शिमला (ग्रामीण) में 141 महिलाओं को 6 लाख 93 हजार रुपए, तहसील सुन्नी में 155 महिलाओं को 6 लाख 97 हजार 500 रुपए, तहसील ठियोग में 242 महिलाओं को 10 लाख 89 हजार रुपए, तहसील कुमारसैन में 173 महिलाओं को 7 लाख 78 हजार 500 रुपए, तहसील चौपाल में 337 महिलाओं को 15 लाख 16 हजार 500 रुपए, तहसील रामपुर में 288 महिलाओं को 12 लाख 96 हजार रुपए, तहसील ननखड़ी में 120 महिलाओं को 5 लाख 40 हजार रुपए, तहसील जुब्बल में 136 महिलाओं को 6 लाख 12 हजार रुपए, तहसील कोटखाई में 126 महिलाओं को 5 लाख 67 हजार रुपए, तहसील रोहडू में 281 महिलाओं को 12 लाख 64 हजार 500 रुपए एवं  तहसील चिढगांव में 416 महिलाओं को 18 लाख 72 हजार रुपए की राशि वितरित की गई है।

योजना के तहत जिला में अब तक 76 हजार 911 आवेदन प्राप्त
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत आवेदन करने का क्रम जारी है। जिला शिमला में अब तक कुल 76 हजार 911 आवेदन प्राप्त किए जा चुके है। जिसमे तहसील शिमला (शहरी) से 1431, शिमला (ग्रामीण) से 6933, सुन्नी से 4180, ठियोग से 10065, कुमारसैन से 6092, चौपाल से 12947, रामपुर से 7911, ननखड़ी से 4170, जुब्बल से 4345, कोटखाई से 4966, रोहडू से 7440, चिड़गांव से 5866 तथा डोडरा क्वार से 565 आवेदन प्राप्त हुए है।

घर की आर्थिक स्थिति में आया सुधार : सरला एवं सृष्टि कल्याण (लाभार्थी)
विकास खंड टुटू की लाभार्थी सरला ने कहा कि योजना के अंतर्गत मुझे 4500 रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। इन पैसो से मेरे घर के आर्थिक हालत काफी अच्छे हुए है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुखु का आभार किया।
सरला 
खलीनी शिमला की रहने वाली सृष्टि कल्याण ने कहा कि उन्हें इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति का बेहतर होना हर घर के लिए मायने रखता है। पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, योजना का लाभ मिलने के उपरांत आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। पहले पढ़ाई के सन्दर्भ में भी कही न कही मुश्किलों का सामना पड़ता था लेकिन अब सब कुछ अच्छा हो रहा है। उन्होंने योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
सृष्टि कल्याण 
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता 
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत हिमाचल प्रदेश की स्थाई निवासी होना आवश्यक है तथा जिनके परिवार से कोई सदस्य केन्द्र या राज्य सरकार के कर्मचारी या पेंशनर, अनुबंध या आउटसोर्स या दैनिक वेतन भोगी या अंशकालिक इत्यादि वर्ग के कर्मचारी, सेवारत या भूतपूर्व सैनिक व सैनिक विधवाएं, मानदेय प्राप्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका या आशा वर्कर या मिड डे मील वर्कर या मल्टी टास्क वर्कर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, पंचायत राज संस्थाओं या शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी, केन्द्र या राज्य सरकार के अन्तर्गत विभिन्न सार्वजनिक उपक्रम या बोर्ड या काउंसिल या एजेंसी में कार्यरत या पेंशनभोगी, वस्तु एवं सेवाकर हेतु पंजीकृत व्यक्ति तथा आयकरदाता इत्यादि श्रेणियों में शामिल न हो। इसके साथ साथ बौद्ध मठों में स्थाई रूप से रहने वाली बौद्ध भिक्षुणियां (चोमो) को भी योजना का लाभ मिलेगा।

निर्धारित आवश्यक दस्तावेज एवं प्रक्रिया
सुख-सम्मान निधि प्राप्त करने के लिए इच्छुक महिला को निर्धारित प्रपत्र 1 पर तहसील कल्याण अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करना होगा। प्रार्थना पत्र जिला कल्याण अधिकारी व तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय में निशुल्क प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, प्रार्थना पत्र विभागीय वैबसाईट www.esomsa.hp.gov.in पर भी उपलब्ध है।

सुख-सम्मान निधि प्राप्त करने हेतु प्रपत्र-1 पर प्रार्थना-पत्र (फोटोग्राफ सहित) के साथ वैध आयु प्रमाण पत्र, हिमाचली बोनाफाईड या मूल निवासी प्रमाणपत्र, बैंक या डाकघर खाता संख्या हेतु पासबुक की छायाप्रति, आधार कार्ड की छायाप्रति, राशन कार्ड की छायाप्रति एवं बौद्ध भिक्षुणियों के लिए पंचायत अथवा बौद्ध मठ की मुख्य भिक्षुणी (मुख्य चोमो) द्वारा जारी प्रमाण पत्र दस्तावेजों को संलग्न किया जाना आवश्यक रहेगा।

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