दीप्ति सारस्वत ‘प्रतिमा’, प्रवक्ता रा. व. मा. विद्यालय, बसंतपुर, जिला शिमला ।

अब तक तीन कविता संग्रह प्रकाशित — सोचती हूँ, वर्ष 2018; चलती फिरती खिड़की, वर्ष 2019; धुंधली धूप, वर्ष 2020; प्रेम एक सलेटी आसमान, प्रकाशनाधीन

सुविधा कविता मानव मनोविग्यान के संबंध में है, कि किस तरह से हम निर्जीव या अपनी बात न कह सकने वाले लोगों, पशुओं या वस्तुओं का अति में इस्तेमाल करते हैं इस सब प्रक्रिया में मानव निर्मित ईश्वर को भी बक्शा नहीं जाता…
आप इसे स्त्री विमर्श से जोड़ कर भी देख सकते हैं । पढ़ते सुनते समय तो श्रोता या पाठक का अपना नज़रिया काम करता हैं ।

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