शिमला समर फेस्टिवल: 8 जून से काव्य रस की वर्षा

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गर्मियों के इस सीज़न में पहाड़ों की रानी शिमला न केवल पर्यटकों का स्वागत कर रही है, बल्कि देश और प्रदेश के शीर्ष साहित्यकारों की मेजबानी के लिए भी तैयार है। अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के विशेष आकर्षण के रूप में इस बार 8 से 10 जून तक ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के सभागार में तीन दिवसीय भव्य साहित्यिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिमाचल की समृद्ध भाषाई, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान देना है। ग्रीष्मोत्सव समिति ने इस अनूठे उत्सव में साहित्य प्रेमियों, युवाओं, शोधार्थियों और आम जनता को सादर आमंत्रित किया है।

तैयारियों का पूरा खाका और कार्यक्रम शेड्यूल

तिथि एवं समय आयोजन का नाम मुख्य आकर्षण / स्वरूप

8 जून


(प्रातः 10:30 बजे)

हिंदी कवि सम्मेलन


(प्रथम सत्र)

देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा समसामयिक एवं वैचारिक कविता पाठ।

8 जून


(दोपहर 2:00 बजे)

हिंदी कवि सम्मेलन


(द्वितीय सत्र)

वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों का संगम, विविध विषयों पर काव्य रस की वर्षा।

9 जून


(प्रातः 10:00 बजे)

पहाड़ी कवि सम्मेलन हिमाचली संस्कृति, लोक-चेतना और माटी की महक को समर्पित विशेष सत्र।

10 जून


(दोपहर 2:00 बजे)

‘श्यामला मुशायरा’ चुनिंदा शायरों की महफिल, बेहतरीन गज़लों और नज़्मों का दौर।

हिंदी काव्य सत्र (8 जून): इस दिन गेयटी का मंच दो अलग-अलग सत्रों में काव्यमयी होगा। इसमें डॉ. ओम प्रकाश सरस्वत, के. आर. भारती, आत्मा रंजन, डॉ. रेखा वशिष्ठ, प्रो. मीनाक्षी एफ. पॉल, डॉ. सत्यनारायण स्नेही, डॉ. दिनेश कंवर, कुमाराजीव पंत, डॉ. दिनेश शर्मा और जगदीश बाली सहित सोलन, मंडी, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर और लाहुल-स्पीति जैसे सुदूर क्षेत्रों से आए कुल 52 विख्यात कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे।

पहाड़ी लोक-रंग (9 जून): हिमाचल की बोलियों के संरक्षण को समर्पित इस सत्र में डॉ. ओ. पी. शर्मा, डॉ. मस्तराम शर्मा, डॉ. सूरत ठाकुर, डॉ. कर्म सिंह, डॉ. शंकर वशिष्ठ, त्रिलोक सूर्यवंशी, प्रताप प्राशर, उमा ठाकुर नधैक, रामलाल पाठक, अशोक दर्द और कृष्ण चंद महादेविया सहित 30 प्रमुख पहाड़ी लेखक अपनी अनूठी शैली से पहाड़ के जनजीवन को जीवंत करेंगे।

शायरी के मुरीदों के लिए ‘श्यामला मुशायरा’ 10 जून की दोपहर को गेयटी सभागार में उर्दू और हिंदी शायरी की महफिल सजेगी। ‘श्यामला मुशायरा’ नाम के इस खास सत्र में द्विजेन्द्र द्विज, रमेश डाढवाल, कुलदीप गर्ग तरुण, अनन्त आलोक, विकास राणा, रजनीश्वर चौहान, जावेद उल्फत, जाहिद अबरोल, नवनीत शर्मा और अभिषेक तिवारी सहित कुल 16 नामी शायर अपनी बेमिसाल ग़ज़लों, कत्ताओं और तरन्नुम के ज़रिए श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएंगे।

‘Canvas of The Hills’ में सजी हिमाचल की विरासत

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Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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