ऐतिहासिक रिज मैदान पर हर्षोल्लास के साथ मनाया 78वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह

Date:

Share post:

जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस ऐतिहासिक रिज मैदान पर वीरवार को बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान मुख्यातिथि ठीक प्रातः 11:02 बजे ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात, आकर्षक परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट से सलामी ली। परेड में जिला पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड्स तथा पुलिस व होम गार्ड बैंड शामिल रहे।

इस मौके पर उप मुख्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का ऐतिहासिक एवं गौरवमयी दिन हमें उन सब की याद दिलाता है, जिनकी बदौलत हमें आजादी हासिल हुई है। इसलिए हम आजादी के लिए संघर्ष करने वाले वीर सपूतों एव नायकों को नमन करते है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा पर नजर डाले तो भारत आज एक बड़ी शक्ति बनकर दुनिया के सामने खड़ा है। हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। प्रदेश के वीर जवान अपने अदम्य साहस, पराक्रम एवं बलिदान के लिए देश भर में जाने जाते है। याद रहे कि प्रदेश का पहला परमवीर चक्र राज्य के वीर सपूत मेजर सोमनाथ शर्मा ने हासिल किया था। कैप्टन धन सिंह थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा और सूबेदार मेजर संजय कुमार ने अद्भुत पराक्रम दिखाकर परमवीर चक्र की श्रेणी में नाम दर्ज किया था।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस वर्ष अभी तक प्रदेश के 18 जवान शहीद हो चुके है। सूबेदार राजेश कुमार, सूबेदार नबांग टकपा, सुबेदार हरीश कुमार, हवलदार कुलविंदर सिंह, हवलदार कुलदीप कुमार, हवलदार सुरेश कुमार, हवलदार श्याम राणा, नायक कर्ण जीत सिंह, नायक विजय कुमार, नायक दिलवर खान, लांस नायक जसवीर सिंह, लांस नायक तनजीन थीले, लांस नायक प्रवीन शर्मा, सिपाही प्रकाश चन्द, गनर रोहित, सिपाही हैप्पी, सिपाही मनीष कुमार और अग्निवीर कार्तिक चम्बयाल मातृ भूमि की रक्षा करते शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने केन्द्र से आग्रह किया है कि देश के प्रति जज्बे को देखते हुए हिमालयन बटालियन खड़ी की जाए।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल स्वतंत्रता दिवस के महान पर्व से पूर्व प्रदेश में आई आपदा के कारण भंयकर मंजर देखा गया है। प्रदेश की नदियां लगातार उफान पर है और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। राज्य में आई आपदा में इस मानसून में करीब 1000 करोड़ रूपए से अधिक का नुक्सान हुआ है। इसके अलावा, 200 लोग इस आपदा से अपनी जान गंवा चुके है। प्रदेश भर में 33 लोग अभी भी लापता है। शिमला के रामपुर से सटे समेज गांव में आई त्रासदी से 36 लोग काल का शिकार हुए हैं। अभी तक करीब 15 शवों को बरामद किया जा चुका है। राज्य सरकार ने सर्च आपरेशन चलाया हुआ है और लापता लोगों को ढूंढने का सिलसिला युद्ध स्तर पर चला है। ऊना में हाल ही की बाढ़ में 14 लोगों ने अपनी जान गवाई और अद्यौगिक क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गया।

उन्होंने कहा कि हम पूर्ण उम्मीद करते है कि संघीय ढांचे की मूल भावना का निवर्हन करते हुए केंद्र सरकार इस त्रासदी में प्रदेश को आर्थिक मदद मुहैया करवाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय 95 हजार करोड़ रूपए के कर्जें में है। ऐसे में संसाधन पैदा करने व खर्चें घटाने के लिए प्रदेश सरकार पूर्णरूप से वचनबद्ध है। इसी के चलते अनेकों कदम प्रदेश सरकार ने प्रदेश हित में उठाए है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार अपनी सभी गांरटियों को पूरा करने की राजनीतिक इच्छा शक्ति रखती है।
उन्होंने कहा कि शिमला प्रदेश का दिल है। शिमला शहर में 1735 करोड़ रूपए की लागत से देश का सबसे लंबा और दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे बनने जा रहा है जोकि करीब 14 किलोमीटर लंबा होगा और अधिकांश शहर के हिस्सों को कवर करेगा। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में खासतौर पर मंदिरों के लिए रोपवे का जाल बिछाने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयासरत है। भविष्य में रोपवे के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश अन्य राज्यों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि शिमला के जाखू मंदिर में एस्केलेटर लगाया गया है। इस एस्केलेटर की कुल लंबाई 48 मीटर है जिसकी अनुमानित लागत राशि 7.33 करोड़ रूपए है। इस परियोजना को मार्च 2024 में जनता को समर्पित कर दिया गया है। इसी तरह शिमला के विकासनगर में लिफ्ट और फुट ओवर ब्रिज स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार जनता के लिए विकासनगर से ब्रॉकहर्स्ट तक एलिवेटर और फुट ओवर ब्रिज की एक परियोजना विकसित कर रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत राशि 25 करोड़ रूपये है। इसके अतिरिक्त कार्ट रोड और रिज़ को जोड़ने के लिए दो लिफ्ट प्रोजेक्टस (लक्कड बाजार बस स्टैंड से रिज एवं आक्लैंड क्षेत्र से पुलिस चौकी लक्क्ड़ बाज़ार तक) को भी स्मार्ट सिटी शिमला के तहत विकसित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत राशि 18 करोड़ रूपये है और इन्हें दिसंबर 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च, 2026 तक हरित राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। वहीं सौर ऊर्जा के दोहन के लिए कई योजनाओं लागू की जा रही है। प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल वाहनों की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रदेश के 55 सरकारी स्थलों पर पीपीपी आधार पर चार्जिंग स्टेशन के लिए टैंडर किए जा चुके है। प्रदेश में छह ग्रीन कॉरिडोर को पूरी तरह से संचालित करने के प्रयास चल रहे हैं। प्रदेश के 23 पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके है, जबकि 31 पंपों पर स्टेशन स्थापित करने का कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी और ई-बस की खरीद पर 50 फीसदी सब्सिडी समेत कई प्रावधान पहले ही लागू किए जा चुके हैं। योजना के तहत अभी तक 114 लाभार्थियों का चयन किया गया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम हिमाचल प्रदेश की जीवन रेखा है। इस वर्ष के दौरान हिमाचल पथ परिवहन निगम ने 210 डीजल बसें, 35 इलेक्ट्रिक बसें, 11 सुपर डीलक्स बसें, कुल 256 बसें अपने बस बेडे़ में शामिल की हैं। अभी हाल ही में 357 कंडक्टरों को नियुक्ति दी गई है। निगम के दैनिक भोगियो का दैनिक वेतन 357 से बढ़ाकर 400 रूपए कर दिया गया है। निगम 297 इलैक्ट्रिक बसें, 24 वोल्वो, 100 टैंपो ट्रैवलर और 250 डीजल बसें अपने बेडे में शामिल करेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम अपनी सेवा के 50 साल पूरे कर रहा है।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जल एवं सिंचाई क्षेत्र में निर्णायक प्रयास किए जा रहे है। इस पर सरकार करीब 850 करोड़ हर साल खर्च रही है। लंबे अरसे से लंबित पड़ी फीना सिंह सिंचाई योजना को केंद्र सरकार ने हाल ही में मंजूरी दी है। यह योजना एक दशक से लंबित पड़ी थी। यह योजना कांगड़ा जिला के लिए वरदान साबित होगी, जबकि कुल्लू जिला की व्यास नदी को चयनित करने के लिए हम केन्द्र से मामला उठाए हुए है। जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 10 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चली है।

उन्होंने कहा जल जीवन मिशन के अंतर्गत शिमला में विभिन्न क्षेत्रों के लिए 771 करोड़ रूपए की लागत से 231 योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। मतियाना-ठियोग क्षेत्र के सूखा प्रभावित क्षेत्र के लिए प्रदेश की सबसे बड़ी महत्वकांशी पेयजल योजना 315 करोड़ की कुरपण खडड योजना का कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। हालांकि हाल की बाढ़ से इस योजना को धक्का लगा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 32 करोड़ रुपए की राशि अधिगृहीत मंदिरों में विकासात्मक कार्यों के लिए प्रदान की है। प्रदेश के चिंतपुर्णी मदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन प्रणाली आरंभ की गई है जिसमें घर बैठे ही श्रद्धालु दर्शन करते हैं। प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण एंव कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए हर ज़िला में बनने वाले अंतरंग सभागारों में से पांच सभागारों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश के बैंटनी कैसल में जल्द ही अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय स्थापना करने की प्रक्रिया चालू है।

इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हो रहा है। जिला शिमला में योजना के अंतर्गत 2569 पात्र महिलाओं को 1500 रुपए मासिक के माध्यम से लाभान्वित किया गया है। इन महिलाओं को अप्रैल माह से जून माह तक की तीन महीने की किश्त एक मुश्त प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की 870 सहकारी सभाओं का कम्यूट्रीकरण किया चुका है, जबकि 919 और सभाओं को कम्यूट्रीकरण किया जाने का अनुमोदन हाल ही में केन्द्र से प्राप्त हुआ है ताकि इनके कार्य में तीव्रता और गुणवता में वृद्धि हो सके और धांधलीयों को रोका जा सके।
प्रदेश में जिला ऊना के हरोली क्षेत्र में 1923 करोड़ की लागत से बल्क ड्रग पार्क बनने जा रहा है। इसे केन्द्र के साथ हिमाचल सरकार मिल कर बनाएगी।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय महिला कबड्डी टीम को सम्मानित किया। इसके पश्चात, मुख्यतिथि ने देश-प्रदेश की उन्नति व प्रगति के प्रतीक ग़ुब्बारों को हवा में छोड़ा।

इस मौके पर उपाध्यक्ष विधानसभा विनय कुमार, 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राकटा, स्थानीय विधायक हरीश जनार्था, नगर निगम महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, हिमुडा वाइस चेयरमैन यशवंत छाजटा, कांग्रेस सेवा दल के प्रदेशाध्यक्ष अनुराग शर्मा, आईजी आईटीबीपी प्रेम सिंह, आर्ट्रेक से ब्रिगेडियर नवदीप ब्राड व लेफ़्टिनेंट कर्नल अर्पित यादव, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाल) ज्योति राणा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (लॉ एंड ऑर्डर) अजीत भारद्वाज, उपमंडल दण्डाधिकारी (ग्रामीण) कविता ठाकुर, उपमंडल दण्डाधिकारी (शहरी) भानु गुप्ता, सहायक आयुक्त गोपाल चंद शर्मा सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने लुटा दिल
इसके अलावा समारोह में विभिन्न स्कूलों की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी पेश किए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सेंट एडवर्ड स्कूल, स्वर्ण पब्लिक स्कूल टूटीकंडी, संभोता तिब्बतन स्कूल, डीएवी न्यू शिमला, ऑकलैंड हाउस स्कूल, राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, केंद्रीय विद्यालय जाखू शामिल रहे। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने खूब तालियों बटौरी।

उपमुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले सभी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Feature – Celebrating the Hands That Heal and the Hearts That Care

There are moments in life when a doctor's presence changes everything. A reassuring smile before a procedure, a...

Boys Don’t Cry – Short Story

Uma Sharma, Gurugram Raj loves painting! He can draw and paint the whole day. One day he decided to paint...

हिमाचल के प्राचीन कुषाण सिक्के

 डॉ. कमल के. प्यासा - मण्डी कुषाण कालीन सिक्के हिमाचल में मण्डी के अतिरिक्त कांगड़ा के कानिहारा व ज्वालामुखी,...

Himachal’s First Biochar Plant Nears Completion

CM Sukhu today reviewed the progress of the country’s first indigenous biochar plant being established at Neri in...