February 23, 2026

यादें: एक कविता

Date:

Share post:

डॉ. कमल के. प्यासा

डॉ. कमल के. प्यासा, मण्डी, हिमाचल प्रदेश

यादें
याद आती हैं
जाती नहीं,
याद ही रह जाती हैं
जिंदगी भर!

यादें
यादों में रह कर
आती हैं सताती हैं,
कमबख्त तरह तरह की
फितरतें दिखा,
खूब यादों की
धूम मचाती हैं!

यादें
बिखरती हैं,
बिखर के बिसरती हैं
बालू के कण कण की तरह
बन किरक,
खलल डालती हैं!

यादें
सिमटती नहीं
फैलती चली जाती हैं
अंधेरों में रोशनी बन,
अंतर मन के हर कोने में
खुद जगह बनाती हैं!      

यादें
रिश्तों की,
अपनों की बेगनों की
प्यारे चांद से चेहरों की,
दिलों ही दिल से
खुद गांठ लेती हैं!

यादें
तड़पाती हैं
दहलाती हैं सहलाती हैं
नीद तक उड़ा ले जाती हैं,
घोल के खट्टास वह कड़वाहट
निकाल ले जाती है
खुनस जमाने भर की!

यादें
यादों के झरोखों से,
झांकती भांपती हैं,
बनती हैं आईना
जीवन का,
और धुंधला जाती है!

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Shegaon Hosts Mega Health and Wellness Fair

The holy town of Shegaon in Buldhana district is set to host the National Arogya Fair 2026 from...

IGSTC 2026 Showcases Mobile Health Breakthroughs

The IGSTC Strategic Conclave 2026 on “Mobile Health & Telemedicine” was held at Vigyan Bhawan, bringing together policymakers,...

विकास कार्यों के साथ नशा मुक्त समाज का संदेश

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज घणाहट्टी में एक दिवसीय प्रवास के दौरान 24 करोड़...

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शराब इकाइयों की नीलामी

वित्त वर्ष 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के लिए हिमाचल प्रदेश में खुदरा मदिरा इकाइयों की...