खेलो में पदक ले आओ,
पढ़ने में जिज्ञासा दिखलाओ,
उठो, कुछ वो कर जाओ,
भारत को उसका खोया सम्मान दिलाओ।
यह मत कहो की, बाकी देश
पचास साल आगे है,
पचास साल आगे का नया
भारत अभी बनाओ,
सबको नया दिशा दिखलाओ
ग्रन्थों से भारत की महिमा बतलाओ
रामायण को पूरे विश्व में फैलाओ
विज्ञान मे कुछ नया खोज कर जाओ
उठो, कुछ वो कर जाओ,
भारत को उसका खोया सम्मान दिलाओ
(कुशल गिरी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक छात्र हैं। उन्हें हिंदी कविता, नवाचार, विज्ञान मॉडल और रचनात्मक लेखन में विशेष रुचि है। अपनी कविताओं के माध्यम से वे भारत, युवा, संस्कृति और प्रेरणा से जुड़े विचारों को अभिव्यक्त करते हैं। उन्हें नई चीजें सीखना और साहित्य व रचनात्मकता के जरिए सकारात्मक विचार साझा करना पसंद है।)




