April 5, 2026

नदी: डॉ. कमल के. प्यासा

Date:

Share post:

डॉo कमल केo प्यासा
प्रेषक : डॉ. कमल के. प्यासा

नदी हूं मैं
मुझे बस स्वछंद ही
बहने दो,
मस्ती में इधर उधर
खूब मचलने दो,
जन जन की प्यास
बुझाने दो,
मत रोको
जैसे तैसे बस जाने दो !

बांधने पर मैं
कैसे आगे बढ़ पाऊं गी
वरना क्रांति के गीत(भगत सिंह की तरह)
मैं भी गाऊं गी,
बिखर जाऊं गी,
जाने दो मुझे जाने दो
वरना वेग में विराम आने से
संचय ऊर्जा बड़ जाए गी !

न जाने फिर प्रलय बन
कैसे कैसे कहर ढाए गी
जड़ और चेतन भेद रहित
बस्तियों के संग संग
सब को साथ ले जाए गी,
इसी लिए कहती हूं
न छेड़ो न खेलो मुझ से,
चट्टाने पत्थर (अवरोध)जैसे हैं
उन्हें वैसे ही रहने दो
बस रहने दो और
मुझे बहने दो बहने दो !

नहीं तो ले जाऊं गी,
बह ले जाऊं गी
समस्त उर्वरता और
खनिज कण कण भी
नदी हूं मैं
मुझे बस स्वछंद ही
बहने दो !
मस्ती में खूब मचलने दो
जन जन की प्यास बुझाने दो।

नदी: डॉ. कमल के. प्यासा

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

अंतरपीढ़ीगत बंधन मजबूत करने कार्यक्रम का आयोजन

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जांगला में जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय शिमला के द्वारा अंतरपीढ़ीगत बंधन को बढ़ावा देने...

HP Rajya Chayan Aayog Declares Merit List

Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog, Hamirpur has announced the result of the Computer Based Screening Test for 425...

State Boosts Rural Economy Through Dairy Benefits

Under the guidance of Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu, the Himachal Pradesh government is actively working to...

नन्हें कदम, बड़ा भविष्य: Children of the State सम्मानित

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शनिवार को दो Children of the State बच्चों, अमृत वर्मा और मोक्षित शर्मा,...