April 17, 2026

Tag: रणजोध सिंह

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उच्च शिक्षा: एक लघुकथा

रणजोध सिंह “बेटा मन लगाकर पढ़ाई करो और जल्दी से अपने पैरों पर खड़ी हो जाओ ताकि तुम्हें किसी की गुलामी न करनी पड़े।”...

फायदा: लघुकथा

रणजोध सिंह विमल के पिताश्री का स्वर्गवास हुए कुछ ही दिन हुए थे मगर न चाहते हुए भी विमल को सपरिवार एक पारिवारिक समारोह...

अंतरराष्ट्रीय मानस हिंदी-सेवी समान- 2024 — सोलन जिले के चार साहित्यकार सम्मानित

आज सोलन जिले के चार साहित्यकारों को पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी द्वारा अंतराष्ट्रीय लेखक मिलन भुटान में उनके हिंदी भाषा मे साहित्यिक योगदान के लिए...

सुकून: एक लघुकथा

रणजोध सिंह रमेश समय से पंद्रह मिनट पहले ही बस स्टॉप पहुंच गया था ताकि बस में उसे बैठने का स्थान मिल सके| यद्यपि...

जनाना री रोटी (पहाड़ी संस्करण): रणजोध सिंह

सारा पंडाल दर्शकां या फेरी भक्तजना ने पुरी तरह भरीरा था| स्वामी जी चिट्टे कपड़े पैनी ने, मथे पर चंदन-रोलीया रा टीका लगाई ने...

चालान: रणजोध सिंह की कहानी

प्रोफेसर मदन अपनी निजी कार में मुन्नी बेगम की गज़लें सुनते हुए घर से कॉलेज जा रहे थे| अचानक एक पुलिस कर्मी ने हाथ...

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