February 19, 2026

Tag: रणजोध सिंह

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आचरण — लघु कथा; रणजोध सिंह

रणजोध सिंह उस दिन स्कूल में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह था, प्रधानाचार्य राम प्रकाश जी ने ओजस्वी भाषण देते हुए स्पष्ट किया, “लोग हमारी बातों...

अभाव की राजनीति (बाल कहानी) — रणजोध सिंह

रणजोध सिंह सिद्धार्थ जी, यूं तो सरकारी स्कूल में राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक थे, मगर फिर भी गांव के लोग उन्हें मास्टर जी तथा बच्चे...

उपहास (कहानी) — रणजोध सिंह

रणजोध सिंह मई का महीना था| शिमला का माल रोड सदा की भांति सैलानियों से भरा हुआ था| कंबरमियर पोस्ट ऑफिस के पास इंदिरा गांधी...

ज़िंदगी – (मंडयाली नक्की कहाणी)

मूल लेखक: प्रो. रणजोध सिंहअनुवादक : जीवन धीमान, नालागढ़ दो जवान मित्र अपणे मोटर साइक्ला पर बैठी कने हवा ची गलां करने लगी रे...

मम्मी पापा इंतजार करते हैं — बाल कहानी

रात के साड़े दस बज चुके थे मगर बिन्नी अभी तक घर नहीं पहुंचा था | पति-पत्नी दोनों को चिंता होना लाजमी था, उनका...

औरत की रोटी — लघु कथा

सारा पंडाल दर्शकों से या यूँ कह लीजिए भक्तजनों से खचाखच भरा हुआ था | स्वामी जी श्वेत वस्त्र धारण कर, माथे पर चंदन-रोली...

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