January 30, 2026

Tag: रणजोध सिंह

spot_imgspot_img

ज़िंदगी – (मंडयाली नक्की कहाणी)

मूल लेखक: प्रो. रणजोध सिंहअनुवादक : जीवन धीमान, नालागढ़ दो जवान मित्र अपणे मोटर साइक्ला पर बैठी कने हवा ची गलां करने लगी रे...

मम्मी पापा इंतजार करते हैं — बाल कहानी

रात के साड़े दस बज चुके थे मगर बिन्नी अभी तक घर नहीं पहुंचा था | पति-पत्नी दोनों को चिंता होना लाजमी था, उनका...

औरत की रोटी — लघु कथा

सारा पंडाल दर्शकों से या यूँ कह लीजिए भक्तजनों से खचाखच भरा हुआ था | स्वामी जी श्वेत वस्त्र धारण कर, माथे पर चंदन-रोली...

कैरियर इंग्लिश मीडियम बच्चों का

जैसे ही ग्राम वासियों को पता चला की अगामी चुनावों के मध्य नजर सरकार शिक्षा के प्रति ज्यादा ही उदार हो गई है| उनके...

शर्तिया ईलाज (लघु कथा)

रणजोध सिंह बुत-तराश ने मुस्कान को भरपूर समय दे कर गढ़ा था। रूप यौवन के साथ-साथ वह एक कोमल ह्रदय की स्वामी भी थी। चेहरे...

बटन — रणजोध सिंह

रणजोध सिंह हमारे देश में माता-पिता और गुरु को देवताओं के समकक्ष रखा गया है | इनमें भी माता का दर्जा सबसे महान है क्योंकि...

Daily News Bulletin