March 14, 2026

Tag: poem

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यादें: एक कविता

डॉ. कमल के. प्यासा यादें याद आती हैं जाती नहीं, याद ही रह जाती हैं जिंदगी भर! यादें यादों में रह कर आती हैं सताती हैं, कमबख्त तरह तरह की फितरतें दिखा, खूब...

जज़्बात और एहसास: डॉ. जय महलवाल (अनजान)

डॉ. जय महलवाल (अनजान) तुमने जब-जब, मेरा साथ दिया, एक प्यारा सा मखमली, एहसास दिया। रहे तुम दिल के करीब हमेशा, मेरा अपना बनकर, लेकिन...

The Homecoming: Ashvin V

Ashvin V Peace prevailed, one afternoon fine, In the hostel’s passageways. Playful puppies and a mischievous cat, Did bring much cheer, those days. ...

बुलंदियां: डॉ. कमल के. प्यासा

  डॉ. कमल के. प्यासा बुलंदियां छूना ऊंचा उठाना, अच्छा लगता है खुद को, सब को! बुलंदियां बढ़ाती हैं, दूरियां और फासले! जिनसे पनपते हैं भरम...

मुक्ति परीक्षा: एक कविता

डॉ. कमल के. प्यासा परीक्षा जीवन है, जीवन भर चलती है, कभी मुक्ति नहीं, रुकती नहीं, जीने की राह दर्शाती...

ZENOBIA — Poem by Rahul Garg

Rahul Garg, COE Government College Sanjauli, Shimla Dark was a road .... which she deliberately chose, Life filled with anguish that she never showed. Her heart shines...

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla