बाल श्रम देश में बना अभिशाप ; बाल मजदूरी छीन रही मासूमों का बचपन : सुभाष वर्मा

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राजेश शर्मा, कीक्ली रिपोर्टर, 13 जून, 2015, शिमला

10 में से 8 बच्चे कर रहे बाल मजदूरी ; रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत ; 14 साल तक की आयु वाले देश में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक बच्चे ; विश्व दिवस पर बालाश्रम के बच्चों ने दिखाई कला

child-labour.13.6.15बाल मजदूरी के खिलाफ – विश्व दिवस पर कस्तूरबा गांधी बाल आश्रम रॉकवुड शिमला में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें बाल कल्याण समिति जिला शिमला सदस्य सुभाष वर्मा ने कहा कि वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार देश में 14 साल से कम आयु के 1 करोड़ 26 लाख 66 हजार से अधिक बच्चे हैं। इसलिए भारत में 14 साल तक के बच्चों की आबादी दुनिया के कई देशों की आबादी से भी ज्यादा है। इनमें हर दस बच्चों में से आठ काम करते हैं।

इस अवसर पर रॉकवुड बाल आश्रम के बच्चों में बाल मजदूरी पर कला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कला प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले चार बच्चों को प्रोत्साहित किया गया और अन्य सभी बच्चों को भी इनाम स्वरुप कापियां, पेन्सिल, स्केच पेन वितरित किये गये। इस मौके पर सुभाष वर्मा ने कहा कि बालश्रम देश के लिए अभिशाप है। इसे समाप्त करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। फिर भी हमारा देश इस श्राप से ग्रसित है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मासूम का दिल धड़कते हुए कहता है कि मत छीनों मेरा बचपन मुझसे, बचपन का मतलब है मौजमस्ती, खेलकूद तथा किताबों के माध्यम से ज्ञान बढ़ाना न की बाल मजदूरी। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी तभी खत्म हो सकती है, जब इन बाल मजदूरों को अच्छी शिक्षा मिले, जिससे आगे
चलकर वे भी अच्छी नौकरी हासिल कर सकें और अपना अच्छा जीवनयापन गुजार सके।

उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य के लिए प्रत्येक भारतीय का उत्तरदायित्व है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बाल मजदूरी से मुक्ति दिलवाएं, जोकि एक अभिशाप बन चुकी है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में चाइल्डलाइन शिमला से समन्वयक के अलावा सदस्रू वीरेंदर शर्मा, राकेश शर्मा, सानु कुमारी, केशव राम, प्रेम सिंह नेगी, संगीता कुमारी, वालंटियर और रॉकवुड बाल आश्रम से डॉ. प्रेमलता तथा कार्यालय सचिव हरी सिंह वर्मा सहित अन्य स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।

चाईल्डलाईन सेवा की जानकारी इस अवसर पर एच पी वी एच ए शिमला के तहत चलाए जा रहे चाईल्डलाईन कार्यक्रम की जानकारी चाइल्डलाइन शिमला समन्वयक ललित शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि चाइल्डलाइन देखरेख एवं संरक्षण जरूरतमंद बच्चों के लिए 24 घंटे फ्री आपातकालीन फोन 1098 आउटरीच सेवा है। यह सेवा गुमशुदा, शोषित, घर से भागे हुए, तस्करी किये गये, बाल मजदूर, खऱाब हालत में फंसे और देखभाल, सुरक्षा की जरुरत वाले सभी बच्चों के लिए है।

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