आज राष्ट्रीय कमेटी के आह्वान पर नई शिक्षा नीति 2020 और महाविद्यालय के मुद्दों को लेकर सत्याग्रह धरना प्रदर्शन किया गया।

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इस सत्याग्रह धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कैंपस अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि पिछले 2 वर्ष से महाविद्यालय कोरोना काल के दौरान बंद थे। लेकिन फिर भी कॉलेज प्रशाशन द्वारा PTA फंड के नाम पर छात्रों से फीस वसूली गई। पवन शर्मा ने आंकड़ा दिया की महाविद्यालय में एक वर्ष में 3600 छात्रों से प्रत्येक छात्र 600 रुपए लिया गया जिसमें की 21,60,000 रुपए छात्रों से वसूला गया। और इसके साथ पवन शर्मा का कहना है की लगभग 5 वर्षो से एसएफआई कॉलेज प्रशासन से हॉस्टल की मांग कर रही है लेकिन अभी भी इसके ऊपर कोई भी कार्य नही किया गया है। कैंपस अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि अगर जल्द से जल्द इन छात्रों मुद्दों को पूरा नहीं किया गया तो एसएफआई आने वाले समय में महाविद्यालय के सभी छात्रों को लामबंद करते हुए एक उग्र आन्दोलन करेंगी।

साथ ही कैंपस के पूर्व सचिव साथी कमल ने इस सत्याग्रह धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि किस तरह से केंद्र सरकार द्वारा कोरॉना काल के अंदर आम छात्र और आम जनता के बीच नई शिक्षा नीति की बात किए बिना नई शिक्षा नीति का दस्तावेज पेश किया जाता हैं। हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले इस नई शिक्षा नीति को लागू किया जा रहा है। किस प्रकार से नई शिक्षा नीति के अंदर आंगनवाड़ी को स्कूलों के साथ मर्ज करने की बात की गई हैं। गांव के अंदर छोटे छोटे स्कूलों को बंद करके एक मॉडल स्कूल शुरू करने की बात की गई है । जिसकी वजह से गांव के पहाड़ी क्षेत्रों में 3 साल के छोटे बच्चो को स्कूल तक पहुंचने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

साथ ही कमल शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति निजीकरण, केंद्रीकरण और भगवाकरण को बढ़ावा देती हैं और इस नीति के तहत निजी स्कूल अपनी फीस निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे। अंत में कैंपस सचिव योगेश ठाकुर ने कॉलेज प्रशासन का विरोध किया क्योंकि लगातार कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों के मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकार को दबाया जा रहा है। आज भी प्रशाशन द्वारा हमारे द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्वक सत्याग्रह धरना प्रदर्शन को पुलिस की मदद से रोकने की कोशिश की गई। लगातार कॉलेज प्रशासन द्वारा कैंपस का माहौल खराब किया जा रहा हैं। एसएफआई का कहना हैं की अगर इसी तरह कालेज प्रशाशन द्वारा छात्रों को दबाने की कोशिश की गई तो एसएफआई आने वाले समय में कैंपस के अंदर एक उग्र आंदोलन करेगी ।

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