अन्तर

Date:

Share post:

भीम सिंह, गांव देहरा हटवाड़, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।

आसमान से बादल झमाझम बरस रहे थे। मैं छाते से अपने आप को ढकता हुआ सड़क के किनारे-किनारे होता हुआ घर की तरफ जा रहा था। सड़क में पड़े गढे़ पानी से भर गये थे। गाडि़यां सडक पर आ-जा रही थी। मैं पूरी कोशिश में था कि उन गाड़ियों के छींटे मेरे ऊपर न पड़े। मगर तभी एक गाड़ी पूरी रफ्तार से आई और मुझे पूरी तरह भिगो कर आगे निकल गई । मैं उस गाडी वाले की लापरवाही पर बहुत दुखी हुआ। क्योंकि कीचड़ वाले पानी से मुझे भिगोकर वह चला गया था। मैं अभी खड़ा होकर अपने कपड़ों से उसे साफ कर ही रहा था कि तभी एक दूसरी गाड़ी आ गई । उसने जैसे ही मुझे देखा तो अपनी गाड़ी की रफ्तार इतनी कम कर दी कि जिससे कोई पानी का छींटा मुझ पर न पड़े। यह सब देखकर मैं सोचने लगा कि इस संसार में इंसान -इंसान में कितना अंतर है। एक वह जो मुझे लापरवाही से भिगो कर चला गया और दूसरा वह जिसने मेरी परेशानी को समझा तथा अपनी गाड़ी की रफ्तार कम कर दी।

 

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

हिमाचल के प्राचीन कुषाण सिक्के

 डॉ. कमल के. प्यासा - मण्डी कुषाण कालीन सिक्के हिमाचल में मण्डी के अतिरिक्त कांगड़ा के कानिहारा व ज्वालामुखी,...

Himachal’s First Biochar Plant Nears Completion

CM Sukhu today reviewed the progress of the country’s first indigenous biochar plant being established at Neri in...

बाल कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: सीएम सुक्खू

जिला ऊना बाल कल्याण समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष ओंकार कपिला ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार...

खेल युवाओं के चरित्र निर्माण की नींव: रोहित ठाकुर

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक...