January 14, 2026

Tag: poems

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रोटी माँ के हाथ की — रणजोध सिंह

रणजोध सिंह श्यामली के बार-बार समझाने पर भी उसका पति निखिल अंतिम समय तक अपने बुजुर्ग माँ-बाप को यह न बता पाया कि वह सदा-सदा...

Giving Wings to Children’s Creativity through मीमांसा: Children’s Literature Festival, Shimla — Dr Pankaj Lalit

Last date of Submission for entries is 8 March, 2023. Language & Culture Department, HP in Collaboration with Keekli Charitable Trust is proud to organise...

प्रतिष्ठित कवियों ने बांधा वनकाम के कवि सम्मेलन में समा

वरिष्ठ कवि एवं केंद्रीय खुफिया विभाग के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी श्री नरेश नाज़ जी के सानिध्य में कल सायं पांच बजे से रात्रि नौ...

हरे रामा हरे कृष्णा 

भीम सिंह, गांव देहरा हटवाड़, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश। अपने गये बेगाने गये मरी न मन की तृष्णा कैसा संसार बनाया तूने हरे रामा हरे कृष्णा । पूरी ज़िन्दगी...

आत्मा रंजन के काव्य संग्रह – जीने के लिए ज़मीन का लोकार्पण

आज गेयटी थियेटर शिमला के कांफ्रेंस हॉल में कीकली चेरिटेब ट्रस्ट द्वारा चर्चित कवि आत्मा रंजन के सद्य प्रकाशित दूसरे कविता संग्रह "जीने के...

सोचता हूं किस पर क्या लिखूं — भीम सिंह

भीम सिंह, गांव देहरा हटवाड़, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश सोचता हूं किस पर क्या लिखूं हर एक यहां परेशान है सारे जहां में घूम कर देखा सुखी दिखा...

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