शिमला नगर के लिए 24 घंटे पानी की उपलब्धता के लिए चल रही योजना

Date:

Share post:

शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अमरूत योजना के तहत शिमला नगर में चल रहे विभिन्न कार्यों में तेजी लाते हुए युद्ध स्तर पर पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने आज अमरूत योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।

उन्होंने शिमला नगर के लिए 24 घंटे पानी की उपलब्धता के लिए चल रही योजना के तहत संजौली के पांच वार्डों में चल रहे विभिन्न कार्यों में तेजी लाने के लिए सतलुज जल प्रबंधन निगम लिमिटिड के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों को गति प्रदान करते हुए माह जुलाई तक इसे पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें ताकि लोगों को सुविधा प्रदान की जा सके।

मंत्री ने कहा कि शिमला में 24 घंटे पानी देना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इस योजना के पहले  चरण में संजौली के पांच वार्डों के लिए पानी आयेगा।  मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस योजना को जुलाई अंत तक पूरा करें। इस प्रकल्प की अनुमानित लागत 21 करोड़ रुपये है।

उन्होंने गिरी पम्प हाउस में ट्यूब सैटरर जल्द लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सतलुज जल प्रबंधन निगम लिमिटिड के अधिकारियों को कहा कि यह ट्यूब सैटलर जुलाई के अंत तक लगाना सुनिश्चित करें ताकि पानी में आने वाली गाद से लोगों को निजात मिल सके।

उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निगम के अधीन अमरूत योजना में होने वाले विभिन्न कार्यों को भी जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संजौली बाईपास पर बन रहे फुट ओवर ब्रिज को दो महीने के भीतर पूर्ण करें। उन्होंने ओकओवर के समीप बन रहे पार्क को भी इसी अवधि के दौरान बनाकर पूर्ण करने को कहा।

उन्होंने ढिंगु धार में पार्किंग निर्माण कार्य को भी आगामी अगस्त माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन कामों को पूरा करने के लिए किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें तथा कार्य निर्देशित निश्चित अवधि में पूर्ण करें।

इसके अतिरिक्त मंत्री ने बताया कि  गुम्मा और गिरी में प्रमुख पंपिंग मशीनरी को बदल दिया है जिससे बिजली पर वार्षिक खर्च पर 6 करोड़ रुपये की बचत हुई है। एसजेपीएनएल 6 एसटीपी को नई एसबीआर तकनीक से अपग्रेड कर रहा है। यह 2035 तक उत्पन्न सीवेज से विश्व स्तरीय अपशिष्ट उत्पन्न करने में मदद करेगा। लागत 34 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त पीटरहॉफ और ढली में 7 एमएल और 10 एमएल क्षमता के दो प्रमुख जल भंडारण टैंकों का निर्माण कर रहा है। यह किसी भी आवश्यकता को पूरा करने के लिए पानी का बफर स्टोरेज बनाएगा।

बैठक में महापौर शिमला नगर निगम सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली तथा सतलुज जल प्रबंधन निगम लिमिटिड के अधिकारी उपस्थित थे।

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Keekli Bureau
Keekli Bureau
Dear Reader, we are dedicated to delivering unbiased, in-depth journalism that seeks the truth and amplifies voices often left unheard. To continue our mission, we need your support. Every contribution, no matter the amount, helps sustain our research, reporting and the impact we strive to make. Join us in safeguarding the integrity and transparency of independent journalism. Your support fosters a free press, diverse viewpoints and an informed democracy. Thank you for supporting independent journalism.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

भिशती शासक निज़ाम और चमड़े के सिक्के

डॉ. कमल के. प्यासा - मंडी यह सच्ची कहानी मुग़ल शासक हमायूँ के समय की है और बात उस...

Negi Cracks Down on Slow-Moving Contractors

Revenue and Horticulture Minister Jagat Singh Negi has directed strict action against contractors failing to show satisfactory progress...

Spiritual Visit: Governor Offers Prayers at Tara Devi Temple

Himachal Pradesh Governor Kavinder Gupta visited the revered Tara Devi Temple in Shimla on Sunday and offered prayers...

HP Board to Strengthen Exams, Approves ₹14 Cr Budget

A meeting of the Himachal Pradesh Technical Education Board was held under the chairmanship of Dr. Abhishek Jain,...