शिमला समर फेस्टिवल के दौरान ‘शिमला तो शिमला है’ काव्य पुस्तक का विमोचन समारोह

Date:

Share post:

शिमला शहर में समर फेस्टिवल के मनमोहक कार्यक्रमों के बीच आज कवि श्याम लाल शर्मा द्वारा रचित काव्य पुस्तक ‘शिमला तो शिमला है’ का विमोचन समारोह कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता सुदर्शन वशिष्ठ, वरिष्ठ साहित्यकार द्वारा की गई तथा श्री के० आर० भारती ने इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। श्री गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय ने प्रस्तोता के रूप में पुस्तक पर व्याख्यात्मक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में शिमला के कई प्रबुद्ध नागरिकों एवं साहित्यकारों ने भाग लिया। (CLICK TO SEE ALL VIDEOS)

YouTube player

विमोचित पुस्तक की विषय-वस्तु पर टिप्पणी करते हुए सुदर्शन वशिष्ठ ने कहा कि श्याम लाल शर्मा का काव्य-संग्रह शिमला तो शिमला है, पहाड़ों की रानी शिमला के अद्भुत नैसर्गिक सौंदर्य पर केंद्रित हैं। कविताएं शिमला की अतुलनीय छवि एवं प्राकृतिक परिवेश का मार्मिक वर्णन कर रही हैं। वे सहसा पाठक को ऐसा आभास देती हैं जैसे वह इस स्थल पर घूम-घूमकर इसके दिव्य आकर्षण का आनंद ले रहा हो। उन्होंने शिमला जैसा आकर्षक एवं मनमोहक स्थान को लेकर अलग-अलग अनुभवों एवं रसों से भरी 63 पठनीय कविताएं रचने और और इन्हें शिमला तो शिमला है पुस्तक के रूप में पाठकों तक पहुंचाने के लिए कवि की प्रशंसा की।

मुख्य अतिथि के० आर० भारती ने कहा कि इस पुस्तक की प्रत्येक कविता में अलग-अलग सौंदर्य बोध एवं काव्य रस दिखाई देता है और वे अपने अंतर्निहित भाव से पाठक को शिमला के अद्भुत सौंदर्य के प्रति आकर्षित करती हैं। इनके पठन से पाठक न केवल शिमला के वास्तविक स्वरूप का दर्शन करेगा अपितु भावनात्मक रूप से भी उससे जुड़ेगा। कविताएं अपने दृश्यात्मक विवेचन से पाठक को शिमला के कई दर्शनीय स्थलों की सैर कराती हैं जहां पाठक कई रुपहले प्राकृतिक दृश्यों एवं मानव निर्मित सुंदर संसार का अवलोकन करता है।

YouTube player

पत्र प्रस्तोता गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय ने कहा कि एक प्रकृति प्रेमी के लिए यह पुस्तक न केवल पठनीय अपितु संग्रहणीय भी है। इस दिव्य पहाड़ी नगरी का भ्रमण कर चुके सैलानी के लिए भी पुस्तक की विषय-वस्तु उसे पुन: उन अविस्मरणीय पलों की याद दिलाती है जो कभी उसने शिमला में बिताए हैं। रचनाओं के काव्यात्मक रसास्वादन से इस स्थल का दृश्यात्मक आकर्षण इस हद तक बढ़ जाता है कि पाठक अपने भाव में बार-बार उन स्थलों का स्पर्श एवं आंतरिक अवलोकन करता है और पुन: उन अद्भुत दृश्यों का आनंद लेने लगता है।

पुस्तक की सभी कविताएं शब्दों के माध्यम से शिमला के अनोखे स्वरूप को पाठक के मन में चित्रांकित करती हैं और उसे अनुभूतिजन्य हर्ष से अभिभूत करती हैं। इस कार्यक्रम में सर्वश्री देवेंद्र धर, सीता राम शर्मा, भूप सिंह रंजन, दिनेश कौशिश, जगदीश शर्मा, सीस राम राजटा, राहुल शर्मा, महादेव शर्मा, राधा सिंह तथा कई अन्य साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमी सज्जनों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि ने सभी उपस्थित महानुभावों की ओर से श्याम लाल शर्मा को उनकी इस पुस्तक के सफल प्रकाशन एवं विमोचन पर बधाई एवं शुभ-कामनाएं दीं।

YouTube player

‘माँ बिन’ पर प्रथम विजेता बने डॉ. गायत्री शर्मा और ललित गर्ग

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Himalayan Biodiversity in Focus at Kinnaur Bird Fest

Kinnaur district of Himachal Pradesh is set to host its maiden “Kinnaur Bird Festival” from May 8 to...

Big Education Reform: Principals Felicitate CM

A delegation of the Himachal Pradesh Headmasters Cadre Officers Association met Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu in...

शहरी निकाय चुनाव में नामांकन का बड़ा अपडेट

राज्य निर्वाचन आयोग, हिमाचल प्रदेश ने 51 शहरी स्थानीय निकायों के सामान्य चुनाव को लेकर जारी अधिसूचना के...

निष्पक्ष चुनाव के लिए डीसी का सख्त एक्शन प्लान

शिमला के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अनुपम कश्यप ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से...