Tag: poetry

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पतंग की डोर

अभिमन्यु कमलेश राणा उसे ढील दो है पतंग की डोर जो छूना चाहते गर आसमानों को औरों को भी उड़ने दो पेंच लड़ाने उलझे जो थाम लोगे अपनी उड़ान को सफर...

सोचती हूँ — दीप्ति सारस्वत का काव्य संग्रह विमोचन

कीकली रिपोर्टर, 25 दिसंबर, 2018, शिमला हिमाचल की बेटियाँ किसी से कम नहीं, इसका ज्वलंत उदाहरण आज क्रिसमस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में उस...

क्रिसमस

उमा ठाकुर, शिमला सैंटा क्लाज पोटली समेटे, घूम रहा है शहर–शहर, गाँव–गाँव, गली-गली में, तौहफ़ों का अंबार यिशु का प्यार लिए ।। शहर-शहर सैंटा बना क्रिसमस पार्टी की...

कुत्ते कविता और मैं 

सीताराम  शर्मा  सिद्धार्थ कुत्ते कविता और मैं हम तीनों साथ रहते हैं सुबह होती है मैं सोया पड़ा हूं सबसे पहले  कुत्ते भौंक कर भरते हैं वातावरण में चैतन्यता मुझे जगाते...

Bards of Hills

Creativity cannot be bound by the number of words or space constrains, the only limitation it faces is by its creator. S/he decides the...

ग्रामीण समाज के भीतर लेखकीय सरोकार की अनूठी यात्राएं

  कीकली रिपोर्टर, 2 सितम्बर, 2018, शिमला यादगार रहेंगे अनपढ़ इंजिनीयर बाबा भलखू स्मृति के बहाने सफल साहित्यिक रेल और ग्रामीण आयोजन। यूं तो एस आर हरनोट...

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla